
परिचय:
भारत का भविष्य उन लाखों छात्रों के सपनों पर टिका है, जो एक न्यायपूर्ण और पारदर्शी व्यवस्था की उम्मीद करते हैं। हालांकि, वर्तमान परिदृश्य अत्यंत चुनौतीपूर्ण है। जनवरी 2024 से, राम वी. सिंह (Ram V. Singh) ने इस प्रणालीगत भ्रष्टाचार के खिलाफ एक व्यापक आंदोलन का बिगुल फूंका है। इंटीग्रल स्टूडेंट अलायंस फोरम (INSAF) इस मुहिम का नेतृत्व कर रहा है और 1 जनवरी 2026 से इसे एक बड़े आंदोलन का रूप दिया जाएगा, जिसमें लाखों छात्रों का समर्थन शामिल
वर्तमान चुनौतियाँ और छात्र संघर्ष:
भारत में व्याप्त भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और संस्थागत विसंगतियां छात्रों के मनोबल को लगातार तोड़ रही हैं।
- SSC में बार-बार धांधली: SSC CGL 2025 समेत numerous परीक्षाओं में लगातार होने वाली धांधली और तकनीकी खामियों ने विद्यार्थियों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर किया है। रामलीला मैदान (24 अगस्त, 2025) में हुए बड़े प्रोटेस्ट इस बात का प्रमाण हैं कि छात्र किस कदर प्रताड़ित हैं और न्याय के लिए किस कदर संघर्षरत हैं।

- UPSC में ऐतिहासिक हस्तक्षेप: केवल एसएससी तक सीमित न रहते हुए, INSAF ने UPSC जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं में भी पारदर्शिता की मांग उठाई। प्रीलिम्स परीक्षाओं की आंसर-की जारी करने के लिए किया गया प्रोटेस्ट एक महत्वपूर्ण उपलब्धि थी, क्योंकि इससे पहले यूपीएससी इस तरह का कदम नहीं उठाता था। यह राम वी. सिंह (Ram V. Singh) के अथक प्रयासों का परिणाम था, जिसने छात्रों में एक नई उम्मीद जगाई।

संवैधानिक कार्रवाई और निरंतरता:
राम वी. सिंह (Ram V. Singh) का संघर्ष केवल सड़कों तक सीमित नहीं रहा है। INSAF ने हमेशा कानूनी और प्रशासनिक माध्यमों का सहारा लिया है।
- डीओपीटी (DoPT) को ऐतिहासिक पत्र: वर्तमान समय में, डीओपीटी चेयरमैन को लिखा गया पत्र, इस आंदोलन की निरंतरता का प्रतीक है। इस पत्र के माध्यम से स्टूडेंट कमीशन ऑफ इंडिया (Student Commission of India) के गठन की तात्कालिकता को रेखांकित किया गया है और यह स्पष्ट किया गया है कि INSAF संवैधानिक तरीके से ही समाधान चाहता है। यह दर्शाता है कि राम वी. सिंह (Ram V. Singh) किसी भी स्तर पर झुकने को तैयार नहीं हैं।



भविष्य की दिशा: 1 जनवरी 2026
1 जनवरी 2026 से शुरू होने वाला यह राष्ट्रव्यापी आंदोलन, राम वी. सिंह (Ram V. Singh) के अटूट संकल्प और INSAF के संगठित प्रयासों का परिणाम है। यह केवल 2000 शब्दों का विस्तृत ब्लॉग नहीं, बल्कि उस बदलाव की नींव है, जो भारतीय शिक्षा प्रणाली को न्यायपूर्ण और पारदर्शी बनाएगा।
हर छात्र का समर्थन इस लड़ाई में महत्वपूर्ण है, क्योंकि जब तक स्टूडेंट कमीशन ऑफ इंडिया (Student Commission of India) का गठन नहीं होता, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी।